Who was the immortal hero? What was his contribution in administration? In Hindi

नायक : (i) विजयनगर साम्राज्य में स्थानीय सेना प्रमुखों को नायक कहा जाता था। इनके पास सैन्य शक्ति होती थी। जिसके द्वारा वे किलों पर नियंत्रण रखते थे। उनके पास सशस्त्र समर्थक होते थे।

(ii) ये प्रायः एक स्थान से दूसरे स्थान तक भ्रमणशील रहते थे और कई बार बसने के लिए उपजाऊ भूमि की तलाश में किसान भी इनका साथ देते थे। वे सामान्यतः तेलग या कन्नड भाषा बोलते थे। कई नायकों ने विजयनगर शासकों की प्रभुता के समक्ष आत्मसमर्पण किया था पर वे प्रायः विटोर कर देते थे और इन्हें सैन्य कार्रवाई के द्वारा ही वश में किया जाता था।

अमर-नायक : (i) अमर-नायक सैनिक कमांडर थे जिन्हें राय (राजा) द्वारा प्रशासन के लिए राज्य क्षेत्र दिये जाते थे। वे किसानों, शिल्पियों तथा व्यापारियों से भू-राजस्व तथा अन्य कर वसूलते थे। वे राजस्व का कुछ भाग अपने व्यक्तिगत उपयोग यथा, घोड़ों, हाथियों के रख-रखाव के लिए अपने पस रख लेते थे। राजस्व का कुछ भाग मंदिरों तथा सिंचाई के साधनों के रख-रखाव के लिए भी खर्च किया जाता था। (ii) ये दल विजयनगर शासकों को एक प्रभावी सैनिक शक्ति प्रदान करते थे। (iii) अमर-नायक राजा को वर्ष में एक बार भेंट भेजा करते थे और अपनी स्वामिभक्ति प्रकट करने के लिए राजकीय दरबार में उपहारों के साथ स्वयं उपस्थित होते थे।