Red and rouge story in Hindi

यह एक अलग और असामान्य चित्र पुस्तक है जिसमें लेखक ने एक व्यस्त शहर के बीच में एक छोटे से लड़के और स्वतंत्र बिल्ली की भावना को बखूबी पकड़ा है.

एक दिन सुबह लाल नाम का लड़का खेलने के लिए घर से बाहर निकला और लाली बिल्ली भोजन की तलाश में निकली. कुछ ही समय में लाल सातवीं स्ट्रीट सिग्नल के गैंग के बीच में फंस जाता है, जबकि लाली बिल्ली मछली वाले आदमी की मछली चुराती है. और फिर शुरू होती है पीछा करने की बारी!

युवा पाठकों को लाल लड़के और लाली बिल्ली के कारनामों के बारे में पढ़ने में बड़ा मज़ा आएगा.

लाल और लाली एक ही ब्लॉक में रहते थे, लेकिन वे दोस्त नहीं थे.

लाल एक लड़का था. उनका असली नाम जॉय था. आप देख सकते हैं कि सब लोग उसे लाल क्यों कहते थे.

लाली एक बिल्ली थी. उसका असली नाम केवल बिल्लियों को ही पता था. मुझे लगता है कि उसका नाम मिस्टर पुर्काफोटो जैसा कुछ था. वे सेंट मार्क प्लेस पर रहते थे, जहाँ किसी भी समय ट्रैफ़िक की तीन सौ अलग-अलग आवाजें सुनी जा सकती थीं.

और वहां पर आप अपने कानों में एक झरने की जबरदस्त गर्जन भी सुन सकते थे. लेकिन वहां का पिछवाड़ा एकदम शांत था! यहां तक कि एक गौरइया के चहकने से भी वहां काफी शोर होता था.

लाल लड़के को मछली पसंद थीं.

और बिल्ली - लाली को भी मछली पसंद थीं.

शायद इसीलिए वे एकदूसरे को पसंद नहीं करते थे.

वसंत का मौसम था. सारी रात लाली बिल्ली ने नाच किया था, जैसा कि बिल्लियाँ चाँद के नीचे अक्सर करती हैं. अब सुबह नजदीक थी और लाली भूखी थी.

"आलसी पंजों से खाली पेट नहीं भरता है," लाली ने खुद से कहा.

जब सुबह लाल लड़का खेलने के लिए बाहर दौड़ा, तो सुबह की हवा एकदम साफ़ और निर्मल थी. लाली बिल्ली ने भी चुपचाप गली में कदम रखा.

और फिर लाल और लाली नीचे सेंट मार्क प्लेस की ओर गए.

वे एक फल वाले की घोडागाड़ी के पास पहुंचे. "कितना अद्भुत घोड़ा है," लाल ने कहा.

"फल वाले, क्या मैं उसकी पीठ पर सवारी कर सकता हूं?" "यह एक गाड़ी खींचने वाला घोड़ा है, घुड़सवारी वाला नहीं," फल वाले ने कहा. बिल्ली ने सोचा, "मुझे यह सब घोड़ों का भोजन लगता है."

फिर वे गटर पर बैठे एक कबूतर के पास पहंचे.

"तुम अच्छा पालतू कबूतर बनोगे," लाल ने कहा. "मेरे साथ आओ और मैं तुम्हें खाने के लिए चुग्गा दूंगा."

"बस वहीं चुपचाप बैठो, मिस्टर कबूतर," बिल्ली ने कहा. फिर कबूतर बिना एक शब्द कहे सीधे लैम्पपोस्ट पर उड़कर बैठ गया.

फिर वे एक जिप्सी के पास पहुंचे.

"मेरी हथेली पर एक सिक्का रखो," जिप्सी ने कहा,

"और फिर मेरी चिड़िया पोली, अपनी चोंच से तुम्हारे भाग्य का कार्ड चुनकर बाहर निकालेगी."

पर लाल के पास एक पैसा भी नहीं था.

"उस चिड़िया के सिर्फ पंख और चोंच हैं.

उसमें खाने के लिए कुछ भी नहीं है,"

भूखी बिल्ली ने सोचा.

"पर मैं अपनी मूंछों से अब कहीं मछली सूंघ सकती हूँ!" फिर बिल्ली की नाक ने, मछली का पीछा किया.

"मुझे आग की बू आ रही है!" लड़के ने कहा. और फिर लड़के ने अपनी नाक से, आग का पीछा किया.

उसने बाड़ के बीच से झांककर देखा.

लाल ने देखा .....

सातवें स्ट्रीट सिग्नल का गैंग एक नए सदस्य को अपने गुट में शामिल करने की तैयारी कर रहा था। लाल और अधिक देखने को उत्सुक हुआ। एक! दो! तीन! वो सीढ़ी के ऊपर चढ़ा। वो एक बढ़िया सीट थी... कितना ​बढ़िया शो था। ''एक जासूस, एक जासूस!'' सिग्नल गैंग के लोग चिल्लाए। ''उसे जल्दी पकड़ो!'' सिग्नल गैंग बाड़ फांदकर लाल के पीछे दौड़े। लेकिन लाल उनसे काफी आगे था। इस बीच, लाली बिल्ली क्या कर रही थी? सेंट मार्क प्लेस में उसने तब त​क सूॅंघा जब तक उसे मछली नहीं मिली। 

''गुड़ मॉर्निंग मछली वाले। क्या अपके पास मेेरे लिए कोई फालतू छोटी मछली होगी?''

पर मछली वाले ने उसे कोई जवाब नहीं दया।

लाली ने सोचा, "एक छोटी मछली से उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा."

फिर लाली ने एक मछली छीनी और वो दरवाजे के बाहर भागी. मछली वाला आदमी भी छलांग लगाकर उसे पकड़ने दौड़ा.

लाल, नीचे सड़क पर दौड़ा. सिग्नल गैंग उसके पीछे दौड़ा. फिर लाल एक कोने में पहँचा जहाँ से लाली बिल्ली भी आ रही थी.

फिर लाल, बिल्ली से जाकर टकराया. और मछली वाला आदमी लाल पर लड़खड़ा कर गिरा.

और उसे बाद सिग्नल गैंग के सभी लोग मछली वाले आदमी के ऊपर जाकर गिरे.

जल्द ही लाल और लाली दोनों, एक-दूसरे के पास जाकर बैठ गए.

फिर लाल लड़के ने लाली बिल्ली से कहा. "मेरी मछली और दोस्तों पर से अपने पंजे हटाओ?"

"इस सुनहरी मछली में खाने कुछ भी नहीं है, इसमें सिर्फ शल्क और चमड़ी ही है," लाली ने कहा.

अब लाल और लाली दोनों हमेशा एक-साथ रहते हैं.