Describe the main reasons for the partition of India In Hindi

 (i) अंग्रेजों द्वारा भारत को कमजोर करने के लिए 'फूट डालो और शासन करो' की नीति के कारण देश में सम्प्रदायवाद का बीजारोपण हुआ और उसका अंत भारत विभाजन में हुआ।

(ii) 20वीं शताब्दी के प्रारंभ से ही हिन्दुओं की समृद्धि एवं प्रभुत्व के कारण कुछ मुसलमान नेता अलगाव की नीति पर चलते रहे। यही प्रवृत्ति आगे चलकर मुस्लिम साम्प्रदायिकता में बदल गयी। __(iii) हिन्दू मुसलमानों के साथ खान-पान से परहेज करते थे। इसकी प्रतिक्रिया में मुसलमानों ने भी हिन्दुओं से घृणा किया और अपने अलग देश के संबंध में सोचने लगे।

(iv) हिन्दू महासभा जैसी साम्प्रदायिक पार्टियों ने दोनों सम्प्रदायों के बीच की खाई को और अधिक चौड़ा कर दिया जिसकी परिणति विभाजन में हुई।

(v) 1946 के प्रान्तीय चुनावों में काँग्रेस की जीत एवं मुस्लिम लीग की हार ने दोनों के बीच की राजनीतिक खाई को और चौड़ा कर दिया। 1946 में मुस्लिम लीग द्वारा प्रत्यक्ष कारवायी तथा दंगों ने आग में घी का काम किया।

(vi) क्रिप्स मिशन, कैबिनेट मिशन तथा लॉर्ड माउण्टबेटेन की कुटिल चालों के कारण देश के बँटवारे की पृष्ठभूमि तैयार हुई। सत्ता के लालच ने भी कांग्रेस के कतिपय नेताओं को विभाजन स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

(vii) साम्प्रदायिक दंगों एवं दबाव के बीच अखण्डता की कल्पना करना बेकार था। अतः वर्तमान परिस्थिति में विभाजन अपरिहार्य हो गया और इसे स्वीकार करना ही देश हित में था।