Environmental studies in Hindi Part - III

खाद्य श्रृंखला के परस्पर समूह को खाद्य जाल (Food web) कहा जाता है।

भारत में कृषि को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व वृष्टि हैं।

वायुमण्डल की सबसे ठण्डी परत मध्यमण्डल हैं।

पृथ्वी तल पर 180° मेरिडियन याम्योत्तर रेखा (काल्पनिक रेखा) को अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा केंचुए को किसानों का मित्र कहा जाता है, क्योंकि यह नीचे की मिट्टी को ऊपरी सतह तक लाने का कार्य करते हैं, जिससे मिट्टी और अधिक उपजाऊ होती है। | 

विज्ञान की इथोलॉजी शाखा में जीवों के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। 

समुद्री शैवाल आयोडीन के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।

विद्यार्थियों में क्षेत्रीय भ्रमण के द्वारा पर्यावरण जागरुकता का सृजन किया जा सकता है।

पर्यावरण अनेक तत्वों से मिलकर बना है, जिसमें जैविक (Biotic) तथा अजैविक (Abiotic) घटक सन्तुलित रूप में रहते हैं। 

सिल्वर आयोडाइड का प्रयोग कृत्रिम वर्षा कराने के लिए मेघबीजन के लिए किया जाता है।

कार्बन डाइऑक्साइड के ठोस रूप को शुष्क बर्फ (Dry Ice) कहते हैं।

 हाइग्रोस्कोपिड लवण अपने आस-पास उपस्थित जल के अणुओं को अपनी ओर आकर्षित करके उनका अवशोषण कर लेता है। 

 इन सिट कन्जर्वेशन (In situ conservation) के अन्तर्गत पारिस्थितिकी तन्त्र व प्राकृतिक अधिवासों का संरक्षण तथा उनके प्राकृतिक वातावरणों में प्रजातियों की जीवनक्षम जनसंख्या का रख-रखाव एवं प्रतिप्राप्ति की जाती है।

अयस्क को धातुमय प्रस्तर कहा जाता है।

भारतीय उपमहाद्वीप के जल भागों में पाई जाने वाली समुद्री कच्छप की पाँच प्रजातियों में सबसे अधिक संख्या ओलिवरिडले की है।

अन्य मृत जन्तुओं पर निर्वाह करने वाले प्रणी को स्कैवेन्जर कहते हैं।

स्टेलेक्टाइट और स्टेलेग्माइट से कैल्शियम कार्बोनेट का निक्षेपण होता है।

ध्वनि या ध्वनि प्रदूषण को डेसीबल (Decibel) में मापा जाता है।

कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से जल प्रदूषण में वृद्धि होती है। 

पर्यावरण अध्ययन की पाठ्य पुस्तक में प्रयुक्त भाषा बालकों की दिन-प्रतिदिन की भाषा से सम्बद्ध होनी चाहिए।

पर्यावरण अध्ययन की अन्तःविषयी प्रकृति पर्यावरणीय मुद्दों को विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और पर्यावरण शिक्षा की विषय-वस्तु और पद्धति के प्रयोग द्वारा सम्बोधित किया जाता है।

पर्यावरण अध्ययन के शिक्षा शास्त्र में बालकों को पा पुस्तकों से सम्बन्धित वास्तविक घटनाओं का ज्ञान कराया जाता है।

पर्यावरण अध्ययन की पुस्तकों की विषय-वस्तु इस प्रकार होनी चाहिए कि बालकों को प्रश्न करने एवं प्रश्नों के उत्तर खोजने का मौका मिलना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर राज्य में स्थित लद्दाख को 'भारत का ठण्डा रेगिस्तान' कहा जाता है।

किसी नक्षत्र या तारे का रंग उसके पृष्ठीय ताप पर निर्भर करता है।

जीवाणु एवं कवक को पृथ्वी का अपमार्जक कहा जाता है।

जीवाणु एवं कवक को पृथ्वी का अपमार्जक कहा जाता है।

वनों को उनके महत्व के कारण ग्रीन गोल्ड (Green Gold) भी कहा जाता है।

भारत में फलों के अन्तर्गत आम की खेती सर्वाधिक क्षेत्र में की जाती है।

पादप एक प्रकार के जैविक घटक हैं, जिनमें जीवन तथा उत्पादन की क्षमता होती है।

वर्तमान में, नगरीकरण विश्व में जल संकट का प्रमुख कारण है।

भारत में प्रथम बायोगैस संयन्त्र दिल्ली में स्थापित किया गया है।

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फण्ड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) नामक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था पूरे विश्व में पर्यावरण सुरक्षा की देखभाल करती है।

पैड़-पौधे प्रदूषण को घटाते हैं, क्योंकि वे कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करते हैं।

प्रत्येक वर्ष अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह को वन्यजीव सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।

लौंग और केसर पौधे के फूल (कली) से प्राप्त किए जाते हैं।

सौर ऊर्जा, ऊर्जा का अप्रदूषिक स्रोत है।

कार्बन डेटिंग विधि का प्रयोग पुरातत्व जीव विज्ञान में जन्तुओं व पौधों के प्राप्त अवशेषों के आधार पर जीवन काल-समय चक्र का निर्धारण करने में किया जाता है।