Environmental studies in Hindi Part - I

 मानव पारिस्थितिकी के अन्तर्गत मानव जीवनयापन पर प्रभाव डालने वाले विभिन्न कारकों का अध्ययन किया जाता है।

पारिस्थितिकी-तन्त्र में सूर्य ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। 

अप्रकाशित मण्डल में रहने वाले जीवों को नेक्टन कहा जाता है।

अजैविक, जैविक व ऊर्जा संघटक पर्यावरण के तीन मुख्य संघटक हैं।

प्राथमिक वायु प्रदूषण वे होते हैं, जो प्रदूषक स्रोत से सीधे वायु में मिलते हैं।

अम्ल वर्षा के कारण प्राचीन भवन और मूर्तियों के गलने को स्टोन लेप्रोसी (Ston Lepocosy) कहते हैं।

शुष्क वातावरण में पाए जाने वाले पौधों को मरुद्भिद कहा जाता है।

भोपाल गैस त्रासदी में मिथाइल आइसो सायनेट गैस का रिसाव हुआ था।

भूमिगत जल के प्रमुख प्रदूषक तत्व आर्सेनिक (Arsenic) और फ्लोराइड (fluoride) हैं।

पराबैंगनी किरणों में से UV-A अधिक हानिकारक होती है।

गंगा नदी का उद्गम स्रोत गंगोत्री हिमनद है।

भारत में मुख्य रूप से प्रदूषण के मापन से की का नाम केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड है।

कोटोपेक्सी नामक एक जाग्रत ज्वालामुखी एण्डीज पर्वत श्रृंखला का भाग है।

तिब्बत की सांग्पो नदी को भारत में ब्रह्मपुत्र नाम से जाना जाता है।

घास भूमि (Grasslands) क्षेत्र के पारितन्त्र की खाद्य श्रृंखला में सबसे उच्च स्तर के उपभोक्ता माँसाहारी होते हैं।

ग्रीन मफ्लर का सम्बन्ध ध्वनि प्रदषण से है।

जैट्रोफा बायो डीजल की फसल है।

ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि है।

उष्णकटिबन्धीय सदाबहार वर्षा वन बायोम में सर्वाधिक जैव-विविधता पाई जाती है।

पृथ्वी की सतह के नीचे द्रवीभूत शैल को मैग्मा कहा जाता है।

ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप ऐसा है, जहाँ एक भी ज्वालामुखी नहीं है।

लम्बे समय तक शान्त रहने के बाद विस्फोट होने वाले ज्वालामुखी को सुषुप्त ज्वालामुखी कहते हैं।

वायुदाब में अचानक आने वाली कमी तूफानी मौसम की सूचक होती है।

सूर्य की तीव्र किरणों द्वारा झुलसने से वायुमण्डल की ओजोन गैस हमारी रक्षा करती है। 

वायुमण्डल को क्षोभमण्डल, समताप मण्डल आदि में विभाजित करने का मुख्य आधार तापमान है।

पृथ्वी के धरातल से ऊपर की ओर वायुमण्डल के विभिन्न स्तरों का सही अनुक्रम है-क्षोभमण्डल, समतापमण्डल, मध्यमण्डल और आयनमण्डल।

वायुमण्डल मुख्यतः पृथ्वी से विकिरण द्वारा गर्म होता है।

क्षोभ सीमा के ऊपर स्थित प्रदेश को समतापमण्डल कहते हैं।

मेघ गर्जन वायुमण्डल की क्षोभमण्डल परत में होता है।

जैवमण्डलीय सुरक्षित क्षेत्र अचानकमार छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है।

विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है।

ज्वालामुखी छिद्र (क्रेटर) मुख्यतः कीपाकार आकृति के होते हैं।

प्रशान्त परिमेखला को अग्नि वलय (रिंग ऑफ फायर) कहा जाता है।

पृथ्वी के कोर में लोहे एवं निकेल की प्रधानता होती है।

भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल से मापी जाती है।

राष्ट्रीय पर्यावरण अभियान्त्रिकी शोध संस्थान नागपुर में स्थित है।

सुनामी जापानी भाषा का शब्द है।

दो भिन्न तापमान वाली वायुराशियों के मिलन से चक्रवात की उत्पत्ति होती है।

विश्व की सबसे गहरी झील बैकाल झील है।

पर्यावरण की दृष्टि से भारत में कम-से-कम 33% क्षेत्र पर वनों का आवरण आवश्यक है।

बालक का सामाजिक विकास प्राथमिक रूप से वातावरण पर निर्भर है।

भूमि संरक्षण की आच्छादन रोपण विधि में पहाड़ी ढलान को काटकर सीढ़ियाँ बना दी जाती हैं।

वन्यजीवों के विलुप्त होने का प्रमुख कारण आवास स्थान की क्षति है।

एक अवस्था से दूसरी अवस्था में पानी के बार-बार बदलने तथा फिर से जल में परिवर्तन होने के प्रक्रम को जल चक्र कहते हैं।