Children should be brought up positively.

 हम अपने बच्चो से अक्सर यह उम्मीद करते है की हमारे बच्चे  परफेक्ट हो ,पर हमारे बच्चे तब तक परफेक्ट नहीं हो सकते है जब तक हमारी पैरेंटिंग परफेक्ट ना हो। इसलिए हमें बच्चो को परफेक्ट देखने से पहले अपने पैरेंटिंग परफेक्ट करनी होगी। यदि हमारी पैरेंटिंग परफेक्ट  होगी तो हमारे बच्चे खुद बा खुद परफेक्ट हो जायेगे। पैरेंटिंग परफेक्ट में हमें छोटी छोटी बातो का ध्यान रखना होता है। यदि हम छोटी छोटी बातो का ध्यान रखते एक दिन उसके परिणाम बहुत सुखद होंगे। इस लेख हम आपको पैरेंटिंग परफेक्ट के टिप्स देंगे।

  • बच्चो की तुलना ना करे।
  • बच्चो को मोटीवेट करे।
  • बच्चों को डांटे नहीं।
  • गाली गलौच न करे।
  • घर पर बुरी चीज़ो का सेबन ना करे।
  • बच्चो पर नज़र रखनी है।
  • समय का पाबन्द बनाये।
  • लक्ष्य को निधारित करने की शिक्षा।
  • फिटनेस का महत्ब बताए।
  • बच्चो के साथ फ्रेंडली रहे।
  • गुणों और क्षमता को पहचाने।

जब भी हम अपने बच्चे के विषय में सोचे तो उसकी कमज़ोरी को नहीं देखना है बल्कि अपने बच्चो के गुणों और क्षमता का पहचाने। उसके अनुरूप में उन्हें तैयार करे। यदि आपको अपने बच्चे में कोई गुण और क्षमता नज़र आती है तो उन्हें विकसित करने के बिषय में सोचे।


बच्चो की तुलना ना करे।

आपको बच्चो की तुलना नहीं करनी है इससे आपके बच्चे में हीन भावना उत्प्न होती है। कोई बच्चा किसी चीज़ में कमज़ोर होता है कोई तेज। यदि आपको बच्चा किसी चीज़ में कमज़ोर है तो आपको उसमे निखार लाना है उसे प्यार से उस रास्ते पर लाये।

बच्चो को मोटीवेट करे।

हमेशा अपने बच्चो को मोटीवेट करे। जब भी बह कुछ बेहतर करे ,उस समय उनकी प्रशंसा करे और यदि हो सके तो आप उनकी खूबियों प्रशंसा लोगो के सामने भी के सकते है इससे बच्चो कॉन्फिडेंस तो आएगा ही साथ में कुछ नया करने की भावना भी जागेगी।

बच्चों को डांटे नहीं।

यदि आपके बच्चे से कोई गलती हो जाती है तो उससे डांटे नहीं बल्कि अकेले में उसे समझाये। जिससे आपके बच्चे में ज़िद्दीपन और गुस्से की  भावना नहीं पनप पायेगी।

गाली गलौच न करे।

कई बार घर  बच्चो के समाने गाली गलौच करके बात करते है। जो की बहुत ही गलत बात है इससे बच्चे अनजाने में गाली गलौच देना सिख जाते है इसलिए आपको घर पर गाली गलौच नहीं करना है और ना आपको अपने बच्चे को ऐसे मौहोल में जाने देना है।

घर पर बुरी चीज़ो का सेबन ना करे।

बच्चो का दिमाग कोरा कागज़ होता है। बह दोनों बाते अच्छी और बुरी एकदम से सिख जाते है। इसलिए माँ बाप की ध्यान रखना है की अपने बच्चो  के सामने सिगरेट ,शराब का सेबन नहीं करना है। बच्चो के सामने अपने ब्यबहार को हमेशा अच्छा रखना है ताकि बच्चे अच्छे ब्यबहार को कॉपी करे।

बच्चो पर नज़र रखनी है।

आपको अपने बच्चे पर पूरी नज़र रखनी है। आपका बच्चा क्या करता है किस के साथ खेलता है। उसका फ्रेंड्स कैसे है।सोशल मीडिया में क्या कर रहे है। इतियादी करते समय आपको ध्यान रखना है की आपके बच्चे को इस बात का पता न चले। ऐसा करने से आपके बच्चे आपसे चिढ़ भी सकते है।

समय का पाबन्द बनाये।

बचपन से ही अपने बच्चो को टाइम मैनजमेंट की कला सिखाये। इसके लिए आप उनके लिए एक टाइम टेबल बना दे। ताकि समय पर अपने काम करने की आदत बन जाए  .इससे उन्हें समय का महत्ब का पता लग जायेगा।

लक्ष्य को निधारित करने की शिक्षा।

आपको अपने बच्चे को शिक्षा देनी है की जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत जरुरी है लक्ष्य  भले छोटा हो पर बास्तविक्ता के करीब होना चाहिए है। ताकि लक्ष्य को पूरा कर सकते है। ऐसे भी अपने बच्चो के लिए छोटे छोटे लक्ष्य को निर्धारित करते रहना है। जिससे उन्हें लक्ष्य पूरा करने की आदत सी बन जाये।

फिटनेस का महत्ब बताए।

फिटनेस का महत्ब बताते हुए उनके साथ योग और ब्यायाम करे। हेल्दी खाने का ज्ञान दे। खुद भी हेल्दी खाना ही खाएं।

बच्चो के साथ फ्रेंडली रहे।

आपको बच्चो के साथ फ्रेंडली रहना है। ताकि आपके बच्चे आपसे कुछ कहने से डरे ना। बच्चो से अपनापन दिखाना है। कभी कभी जब भी समय मिले तो बच्चो को मूवी  दिखाने ,और पिकनिक पर ले जाये। जिससे बच्चे भी आपके साथ फ्रेंडली हो जायेगे।