(i) सोवियत अर्थव्यवस्था में पूँजीवादी देश की अर्थव्यवस्था के विपरीत निजी सम्पत्ति की संस्था को समाप्त कर दिया गया था। मिल्कियत का प्रमुख रूप राज्य का स्वामित्व था।

(ii) समाजवादी अर्थव्यवस्था ने पूँजीवादी देशों के विपरीत राज्य और पार्टी की संस्था को प्राथमिक महत्त्व दिया। उत्पादन के साधनों पर पूर्णतया राज्य का नियंत्रण था।

(iii) पूँजीवादी देशों के विपरीत सोवियत संघ में अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध और राज्य के नियंत्रण में थी। सोवियत संघ की सरकार द्वारा सभी नागरिकों के लिए एक न्यूनतम जीवन स्तर सुनिश्चित कर दिया गया था। सरकार बुनियादी आवश्यकताओं की वस्तुओं जैसे- स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा रियायती दरों पर उपलब्ध कराती थी। बेरोजगारी नहीं थी। भूमि और अन्य उत्पादक संपदाओं पर स्वामित्व व नियंत्रण राज्य का था।

(iv) इसके विपरीत पूँजीवादी देशों में निजी स्वामित्व होता है और कारखानों के स्वामी अपनी इच्छानुसार अपने लाभ-हानि का अनुमान लगाकर उत्पादन करते हैं।