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मुख्य संपादक
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महोदय,

बड़े खेद के साथ मुझे यह शिकायती-पत्र लिखना पड़ रहा है। आशा है, इसकी उपयोगिता को समझते हुए आप इसे अपने पत्र में स्थान देंगे।

आजकल गुड़गाँव अपराध, चोरी, बलात्कार, उठाई-गिरी जैसी समस्याओं का केंद्र बनता जा रहा है। जैसे-जैसे नगर की प्रगति हो रही है, लूटपाट, डकैती, चोरी और अपराधों में भी वृद्धि हो रही है। किसी भी मुहल्ले में कार खड़ी करना सुरक्षित नहीं है। गत मास न्यू कॉलोनी से तीन कारें दिन-दहाड़े चोरी हुईं जिनका अब तक पता नहीं चल सका है। पिछले हफ्ते चार महिलाओं की सोने की चेनें और बालियाँ भरे बाजारों से उड़ा ली गईं। अभी तक अपराधी पकड़े नहीं जा सके। कल रात को एक बरात में रिवाल्वर की नोक पर महिलाओं के आभूषण उतार लिए गए। लगता है, यहाँ पुलिस का नहीं, किसी तीसरे संसार का साम्राज्य है। यह स्थिति देखकर फिल्मी खलनायकों के आतंक याद आने लगते हैं। नगर-प्रशासन से निवेदन है कि ‘कुछ करें ताकि हम नगरवासी चैन से घर के बाहर निकल सकें।

भवदीय
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