• इलेक्ट्रोस्कोप : यह विद्युत आवेश की उपस्थिति बतानेवाला यंत्र है।
  • ऐण्टीएयरकाफ्ट गन : गोला मारकर हवाई जहाजोंए को गिरानेवाला यंत्र है।
  • विस्कोमीटर : इस मंत्र द्वारा द्रवों की श्यानता मापी जाती है।
  • सिनेमैटोग्राफ : इस यंत्र के द्वारा छोटी-छोटी फिल्म के चित्रों को बड़ा करके दिखाया जाता है
  • लाइफ बोट तथा लाइफ वेस्ट : जब कोई जहाज डूबता है, तो उसको उफ्योग में लाकर यात्रियों को बचाया जाता है।
  • लैक्टोमीटर : इससे दूध की शुद्धता ज्ञात की जाती है।
  • रेडियोमीटर : इस यंत्र द्वारा विकीर्ण ऊर्जा की तीव्रता को मापा जाता है।
  • रेनगेज : इससे किसी विशेष स्थान पर हुई वर्षा की मात्रा मापी जाती है।
  • रेडियेटर : यह कारों तथा गाड़ियों के इंजनों को ठण्डा करनेवाला उपकरण है।
  • मोडरेटर : यह नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति को कम। करनेवाला यंत्र है।
  • मैग्नेट्रॉन : यह विशेष प्रकार की रेडियो ट्यूब है, जो बहुत छोटी रंगदैर्घ्य उत्पन्न करती है।
  • पाइक्रोस्कोप : बहुत ही सूक्ष्म वस्तुओं को इसके द्वारा आवर्धन करके खा जाता है।
  • नोमीटर ( बैरोमीटर ) : इससे गैसों का दाब ज्ञात करते हैं।
  • बाइनोकुलर्स : इससे दूर स्थित वस्तुएँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं।
  • फोनोमीटर : यह प्रकाश की चमक-शक्ति ज्ञात करनेवाला यंत्र है।
  • फोटो कैमरा : इससे फोटोग्राफ लेकर केमिकल्स की सहायता से डेवलप किया जाता है ताकि सही चित्र बनकर निकले।
  • फोनोग्राफ : इससे ध्वनि-तरंगों को पुनः ध्वनि में परिवर्तित किया जाता है।
  • फेदोमीटर : इससे समुद्र की गहराई मापी जाती है।
  • पाइरोमीटर : यह उच्च तापों को मापनेवाला उपकरण है।
  • पोटेशियोमीटर : इससे किसी सेल के विद्युत्बाहक बल तथा तार के दो सिरों के विभवान्तर की माप होती है।
  • डिक्टाफोन : कार्यालयों में प्रयुक्त होनेवाला यंत्र।
  • टेलीमीटर : दूर स्थानों पर होनेवाली भौतिक घटनाओं को मापनेवाला यंत्र
  • ट्रान्सफर्मर : इसके द्वारा ए. सी. विद्युत् की वोल्टेज को कम-अधिक किया जा सकता है।
  • टेलिस्कोप : इसकी सहायता से दूर स्थित वस्तुएँ स्पष्ट देखी जा सकती हैं।
  • एयरोमीटर : इससे वायु और गैसों के भार और घनत्व को मापा जाता है।
  • एनिमोमीटर : इससे वायु की शक्ति तथा गति को मापा जाता है।
  • आमीटर : इससे ऐम्पियर्स में विद्युत्धारा को मापा जाता है।
  • ऑडोमीटर : इससे मोटरगाड़ी की गति को ज्ञात किया जाता है।
  • ऑडियोमीटर : यह मनुष्य द्वारा ध्वनि सुनने की क्षमता को मापनेवाला यंत्र है।
  • अल्टीमीटर : इससे विमानों की ऊँचाई मापी जाती है।
  • ऐस्ट्रोमीटर : यह तारों के प्रकाश की तीव्रता की तुलना करनेवाला यंत्र है।
  • ऐक्सिलरोमीटर : यह हवाई जहाज की चाल की वृद्धि मापनेवाला यंत्र है।
  • एक्युमुलेटर : यह विद्युत् ऊर्जा एकत्र करने का यंत्र है।
  • एक्टियोमीटर : यह सूर्य की किरणों की तीव्रता मापनेवाला यंत्र है।
  • टेलीफोन : इसके द्वारा दो व्यक्ति, जो एक-दूसरे से दूर होते हैं। बातचीत कर सकते हैं।
  • टैकोमीटर : इससे वायुयानों तथा मोटर वोटों की गति मापी जाती है।
  • गाइरोस्कोप : घूमती हुई वस्तुओं की गति मापने का यंत्र।
  • ग्रेवोमीटर : इससे पानी की सतह पर तेल की उपस्थिति ज्ञात की जा सकती है।
  • काइनेस्कोप : इस पर टेलीविजन से प्राप्त चित्र प्रकट होते हैं।
  • कम्पास निडिल : इसके द्वारा किसी स्थान की दिशा ज्ञात की जाती है।
  • कारडियोग्राम : इससे हृदयरोग से ग्रसित व्यक्ति की हृदय-गति की जाँच की जाती है।
  • कैलोरीमीटर : इससे ऊष्मा की मात्रा मापी जाती है।
  • इलेक्ट्रोमीटर : यह विद्युतीय विभव के प्रभाव का निर्धारण करनेवाला यंत्र है।
  • नाविक कम्पास : इसके द्वारा नाविक समुद्र में दिशा का पता लगाते हैं।
  • सिस्मोमीटर : यह यंत्र भूकम्प की तीव्रता अभिलिखित करता है।
  • सेक्सटेन्ट : यह यंत्र दूर स्थित वस्तुओं की ऊँचाई मापने के काम आता है।
  • साइक्लोटॉन : इस यंत्र से कणों की ऊर्जा उत्पन्न करने की गति को तीव्र किया जाता है।
  • लिफ्ट : यह बहुमंजिली इमारतों में लोगों को ऊपर तथा नीचे लानेवाला संयंत्र है।
  • माइक्रोफोन : यह तंत्र ध्वनि को विद्युत् आवेगों में परिवर्तित करता है।
  • माइक्रोमीटर : इस यंत्र द्वारा सूक्ष्म दूरी को मापा जाता है।
  • फोटोमीटर : इस यंत्र से दीप्ति-शक्ति मापी जाती है।
  • डायनमो : यह तंत्र यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत्-ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • गैल्वेनोमीटर : इस यंत्र से अल्प परिमाण की विद्युत्-धारा मापी जाती है।
  • कार्बुरेटर : यह तंत्र अन्तर्दहन इंजन में वाष्पित पेट्रोल और वायु को चार्ज करता है।
  • क्लस्कोग्राफ : यह यंत्र पौधों में हुई वृद्धि को मापने का कार्य करता है।
  • हाइड्रोमीटर : यह यंत्र द्रव का विशिष्ट गुरुत्व मापता है।
  • हाइड्रोफोन : इससे पानी में ध्वनि को अंकित किया जाता है।
  • हाइग्रोमीटर : इससे वायुमण्डल में व्याप्त आर्द्रता मापी जाती है।
  • स्टॉप वाच : इससे किसी कार्य या क्रिया की समय-अवधि सही रूप में मापी जाती है।
  • स्टेथोस्कोप : इससे हृदय तथा फेफड़ों की आवाज को सुना जा सकता है और रोग के लक्षण ज्ञात किये जा सकते हैं।
  • स्फिग्मोफोन : इससे नाड़ी-धड़कन को तेज ध्वनि में सुना जा सकता है।
  • स्फिग्नोमेनोमीटर : इससे धमनियों में बहनेवाले रक्त का दाब मापा जाता है।
  • स्फेरोमीटर : इससे धरातल की वक्रता मापी जाती है।
  • स्पीडोमीटर : इससे किसी मोटरगाड़ी की चालन-गति ज्ञात का है जाती है।
  • स्पेक्टोमीटर : इस यंत्र के माध्यम से स्पेक्ट्रम की उत्पत्ति की जाती है, जिससे कि विभिन्न किरणों के तरंगदैर्घ्य को मापा जा सके।
  • संचार उपग्रह : यह विभिन्न क्षेत्रों और देशों के बीच टेलीफोन तथा टेलीविजन कार्यक्रमों को प्रसारित करनेवाला उपग्रह है, जो रिले स्टेशन के के समान है।
  • सिस्मोग्राफ : इस यंत्र से पृथ्वी की सतह पर आनेवाले भूकम्प के झटकों का स्वतः ही ग्राफ चित्रित होता है।