रायमाटी,
इलाहाबाद

10-12-2002

प्रिय मित्र,

नमस्कार।
मैंने अपने पिताजी को 4 नवंबर तक मासिक खर्च भेज देने को लिखा था, किंतु वह मुझे अभी तक नहीं मिला है। ऐसा लगता है कि पिताजी घर पर नहीं हैं, अवश्य कही दौरे पर गये हुए हैं। संभव है, मेरे रुपये एक सप्ताह बाद आयें।
अत: अनुरोध है कि काम चलाने के लिए कम-से-कम पॉच सौ रुपये मुझे भेजकर तुम मेरी सहायता करो। मेरे रूपये ज्यों ही आ जायेगे, तुम्हे लौटा दूॅंगा। आशा है, इस मौके पर तुम मेरी अवश्य ही सहायता करोगे। तुम्हारे पत्र की प्रतीक्षा में हूॅं।

भवदीय
प्रकाश कुमार

पता.........
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