प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्त्व-   
भारत विश्व का प्राचीनतम देश है। यूरोप, रोम और मुसलिम संस्कृतियों से भी पहले भारत उन्नति के शिखर पर पहुँच चुका था। अमेरिका के नासा ने सिद्ध किया है कि लंका और भारत के बीच बना समुद्री पुल कई हज़ार वर्ष पुराना है। यहाँ की संस्कृति सबको अपना बनाती चली आई है। यहाँ अनेक धर्म जन्मे। हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन आदि धर्मों की जन्मभूमि भारत ही है।

संसार का सबसे बड़ा गणतंत्र-
भारत संसार का सबसे बड़ा गणतंत्र है। एक सौ बीस करोड़ लोगों की भावनाओं का आदर करते हुए सरकार चलाना एक करिश्मा है, जो भारत में ही संभव है। यहाँ के लोग सहनशील हैं। वे अपने विरोधी का भी आदर करना जानते हैं। यहाँ के गणतंत्र में बड़ी-से-बड़ी सरकार को उलटने की शक्ति है। |

विविधता में एकता- 
कश्मीर से केरल तक और राजस्थान से उड़ीसा तक सभी प्रांतों के खान-पान और रहन-सहन में विविधता है। कश्मीर के लोग गोरे और लाल हैं और वहाँ का वातावरण ठंडा है। केरल के लोग काले हैं। वहाँ का वातावरण समुद्री अठखेलियों से भरा है। कहीं भीषण गर्मी पड़ती है, कहीं धारासार वर्षा होती है, कहीं सूखा पड़ता है। कहीं ऊँची चोटियाँ हैं, कहीं विस्तृत मैदान हैं तो कहीं घने जंगल हैं।

कृषि, उद्योग एवं विज्ञान में अपूर्व प्रगति-
भारत कृषिप्रधान देश है। यहाँ के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं। यहाँ के किसान एक सौ बीस करोड़ लोगों का पेट भरने की शक्ति रखते हैं। फिर भी वे निर्यात करने योग्य अन्न उगा लेते हैं। आज भारत उद्योग और विज्ञान में भी विश्व का अग्रणी देश बन गया है। हमारे उद्यमी यूरोप के लोगों को सेवा, चिकित्सा तथा शिक्षा देने में आगे हैं। कंप्यूटर और तकनीकी ज्ञान में भारत के वैज्ञानिकों का पूरा दबदबा है। यहाँ के इंजीनियरों, डॉक्टरों की विश्व-भर में माँग हैं