मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति : मन-


मानव की सबसे बड़ी शक्ति ‘मन’ है। मनुष्य के पास मन है, इसलिए वह मनुष्य है, अनज है, मानव है। मानसिक बल पर ही मनुष्य ने आज तक की यह सभ्यता विकसित की है। मन मनुष्य को सदा किसी-न-किसी। कर्म में रत रखता है।



मन के दो पक्ष : आशा-निराशा-


धूप-छाँव के समान मानव-मन के दो रूप हैं-आशा-निराशा। जब मन में शक्ति, तेज और उत्साह ठाठे मारता है तो आशा का जन्म होता है। इसी के बल पर मनुष्य हज़ारों विपत्तियों में भी हँसता-मुसकराता रहता है। निराश मन वाला व्यक्ति सारे साधनों से युक्त होता हुआ भी युद्ध हार बैठता है। पांडव जंगलों की धूल फाँकते हुए भी जीते और कौरव | राजसी शक्ति के होते हुए भी हारे। अतः जीवन में विजयी होना है तो मन को शक्तिशाली बनाओ।

यदि मै प्रधानमंत्री होता!
अनुशासन का महत्व  
बेरोजगारी की समस्या: कारण और निवारण।  
स्वास्थय का महत्व  
बैलगाड़ी 

मन की विजय का अर्थ-


मन की विजय का तात्पर्य है-काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार जैसे शत्रुओं पर विजय। जो व्यक्ति इनके वश में नहीं होता, बल्कि इन्हें वश में रखता है, वह पूरे विश्व पर शासन कर सकता है। स्वामी शंकराचार्य लिखते हैं—“जिसने | मन को जीत लिया उसने जगत को जीत लिया।”


समाचारपत्र पर 
सरस्वती पूजा  
वर्षाऋतु  
दीवाली 
दुर्गापूजा 
डाकिया 



मन पर विजय पाने का मार्ग-


गीता में मन पर नियंत्रण करने के दो उपाय बताए गए हैं-अभ्यास और वैराग्य। यदि व्यक्ति रोज—रोज त्याग या मोह-मुक्ति का अभ्यास करता रहे तो उसके जीवन में असीम बल आ सकता है।

 अनुशासन का महत्तव पर निबंध पढ़ने के लिए क्लिक करे।

बेरोजगारी की समस्या: कारण और निवारण।  
स्वास्थय का महत्व  
बैलगाड़ी 
ग्लोबल वार्मिंग 
वन और हमारा पर्यावरण


मानसिक विजय ही वास्तविक विजय-


भारतवर्ष ने विश्व को अपने मानसिक बल से जीता है, सैन्य-बल से नहीं। यही सच्ची है। भारत में आक्रमणकारी शताब्दियों तक लड़-जीत कर भी भारत को अपना न बना सके, क्योंकि उनके नैतिक बल नही था। शरीर-बल से हारा हुआ शत्र फिर-फिर आक्रमण करने आता है, परंतु मानसिक बल से परास्त हुआ में लोटता है। इसीलिए हम प्रभु से यही प्रार्थना करते हैं-





हमको मन की शक्ति देना, मन विजय करें।

दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।।