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सौरमण्डल में सूर्य, ग्रह, उपग्रह, उल्काएँ, धूमकेतु आदि आते है। सूर्य सौरमण्ड परिवार का मुखिया है जिसके चारो ओर सभी ग्रह चक्कर लगाते है जिसे भोगौलिक भाषा में परिक्रमा कहते है। ग्रहों का अपना प्रकाश नहीं होता है, जबकि तारों का अपना प्रकाश होता है। ग्रहों की संख्या 8 है। पहले ग्रहो की संख्या 9 थी, वुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरूण, वरूण एवं प्लूटो। किन्तु अन्तर्राष्ट्रीय खागोलशास्त्रीय संघ ने 24 अगस्त 2006 को यह घोषणा की कि सौरमण्डल में केवल 8 ग्रह रहेंगे और प्लूटों के ग्रह का दर्जा समाप्त कर दिया गया।

ग्रह 


बुध:-  यह ग्रह सूर्य के सर्वाधिक निकट एवं सौरमण्डल का सबसे छोटा ग्रह है। यह शुक्र और सूर्य के मध्य स्थित है। यहाँ पर दिन व रात के ताप में अन्तर बहुत अधिक होता है। यह सूर्य का चक्कर 88 दिन में पूरा कर लेता है। यह अपने अक्ष के चारों ओर 59 दिन में एक चक्कर पूरा कर लेता है।

शुक्र:-  बुध ग्रह के बाद सूर्य के निकटतम यह दूसरा ग्रह है। यह सूर्य का चक्कर 225 दिन में लगाता हे। अपने अक्ष से परितः 243 दिन में एक चक्कर पूरा करता है। इसे सौन्दर्य का देवता भी कहते है। यह सर्वाधिक चमकीला ग्रह है।
इसे ’भोरे का तारा’ संध्या का तरा ’ के नाम से भी जाना जाता हे। यह सर्वाधिक गर्म ग्रह है। इस ग्रह पर दिन एवं रात का तापमान लगभग एक समान रहता है। यह पृथ्वी के सर्वाधिक निकट स्थित ग्रह है। इस ग्रह को उपग्रह नही हें आकार एवं द्रव्यमान में पृथ्वी का जुड़वा ग्रह कहा जाता है।


पृथ्वी:-  यह सूर्य का तीसरा निकटतम ग्रह है। इसकी सूर्य से औसत दूरी 149,598,000 किमी है। पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चन्द्रमा है। पृथ्वी का आकार जियाॅड कहा जाता है इसकी परिक्रमा का मार्ग अण्डाकार है। अतः सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी वर्षभर एक सी नही रहती है। पृथ्वी 365 दिन, 5 घण्टे, 48 मिनट एवं 46 सेकेण्ड में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। पृथ्वी का परिभ्रमण पथ दीर्घ वृत्तीय है एवं पृथ्वी तथा सूर्य के बीच की दूरी में परिवर्तन होता रहता है। 21 जून को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणे 90 डिग्री लम्बवत पड़ती है, अतः इस तिथि को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि सर्वाधिक लम्बी होती है। इसे कर्क संक्रान्ति कहा जाता है। इसी प्रकार 22 दिसम्बर को मकर रेखा पर सूर्य की किरणे लंबवत पड़ती है इसे मकर संक्रान्ति कहा जाता हे। 21 मार्च एवं 23 दिसंबर को विषुवत रेखा पर सूर्य की किरणे लम्बवत पड़ती है । इस दिन पृथ्वी पर सभी जगह दिन एवं रात की अवधि समान होती है।

मंगल:-  यह सूर्य का चैथा निकटतम ग्रह है। यह सूर्य का 1 चक्कर 687 दिन में लगाता हे। अपने अक्ष पर घूर्णन की अवधि 24.6 घण्टे है। इसकी मिट्ठी में लौह-आॅक्साइड पाया जाता है। जिससे इसका रंग लाल हो जाता है। इसलिए इसे लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है। निक्स ओलम्पिया मंगल ग्रह पर स्थित सर्वोच्च पर्वत है। फोबोस एवं डिमोस इसके दो उपग्रह है।

बृहस्पति:-  यह सौरमंडल का सबसे बड़ा एवं सबसे भारी ग्रह हे। इसका परिक्रमण एवं घूर्णन अवधि क्रमशः 12 वर्ष एवे 9ः8 घण्टे है। इसकी सतह का ताप 123 डिग्री सेल्सिय है। इसके वायुमण्डल में हाइड्रोजन, हीलियम, मिथेन एवं अमोनियाँ गैसे मौजूद है। बृहस्पति ग्रह के 14 उपग्रह हे। इस ग्रह पर ज्वालामुखी भी पाए गए है। गैनीमीड, आयो, यूरोप, कैलिस्टो आदि इसके प्रमुख उपग्रह है। इसका उपग्रह गैनीमीड सौरमण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है।

शनि:- बृहस्पति के पश्चात सौरमंडल का यह दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इस ग्रह के चारों ओर छल्ले मौजूद हे। सर्पीली तरंगो ं की पट्ठी है। यह सूर्य की परिक्रमा 29 वष्र में करता है। इस ग्रह के अक्ष की घूर्णन अवधि 10.3 घण्टे है। इस ग्रह के 22 उपग्रह है। फोबे टेथिस, निमास आदि इसके उपग्रह है। टाइटन नाम का उपग्रह सबसे बड़ा उपग्रह है व इसमें नाइट्रोजनयुक्त वायुमण्डल पाया जाता है।

अरूण:-  अरूण सूर्य से सातवाँ दूरतम ग्रह है। इस ग्रह की खोज 1781 में विलियम हशेंल ने की थी। शान्ति की भाँति ही इस ग्रह के चारों ओर भी वलय पाए जाते हे। इस ग्रह के 12 उपग्रह तथा 5 धंधली वलय है। इस ग्रह के वायुमण्डल में मिथेन गैस मौजूद है। इस ग्रह का प्रकाश हरे रंग का दिखाई देता हे। यह सूर्य की परिक्रमा 84 वर्षो में पूरा करता हे। इसकी घूर्णन अवधि 10.8 घण्टे है।

वरूण:-  इस ग्रह की खोज 1846 में जाॅन गैले ने की थी। इसके वायुमण्डल में मुख्य रूप से हाइडजन गैस पायी जाती है यह सूर्य की परिक्रमा 165 वर्ष में पूरा करता है। इस ग्रह के आठ उपग्रह है। टिट्राॅन, मेरिड, एन-1, एन-2, एन-3 आदि इसके प्रमुख उपग्रह है।

प्लूटो:- जैसा कि ऊपर कहा गया है कि अब ग्रह नहीं होकर बौना ग्रह है। ग्रह का दर्जा समाप्त होने से पूए्र तक यह सर्वाधिक छोटा सर्वाधिक ठण्डा एवं सर्वाधिक अन्धकारमय ग्रह था।