chhaatraavaas-jeevan ke sambadh mein maata ke paas patr.






मोहन छात्रावास
जिला स्कूल, मुगमा
15 जुलाई, 2008

पूजनीय माताजी,

               सादर प्रणाम।

  आपका पत्र मिला। समाचार मालूम हुआ। आप को यह जानकर खुशी होगी कि मुझे छात्रावास में जगह मिल गई हे। मेरे कमरे में तीन और छात्र रहते है। सभी नम्र और सुशील है अधीक्षक महोदय बहुत अच्छे है। वे सभी छात्रों पर समान भाव से स्नेह रखते है। लेकिन वे कई अनुशासक है। हमे छात्रावास के नियामों का पालन करना पड़ता है।

    यहाँ भोजन का अच्छा प्रबन्ध है। हमें शुद्ध भोजन मिलता है। रसोइया और नौकर दोनों सफाई का पूरा ध्यान रखते है। हमें जलपान समय पर मिलता है।

यहाँ का जीवन सरस है। शाम को हम सभाी साथी मिलजुल कर तरह-तरह से खेल खेलते है। हमलोग प्रतिदिन समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ पढ़ते है। रविवार के दिन वाद-विवाद का आयोजन होता है, जिसमें हमलोग भाग लेते है।

   पिताजी को प्रणाम तथा शिबू और पम्मी को मेरा प्यार कह देगी।

पता:-...................................                                                                          आपका प्यारा पुत्र
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