रिया
रिपोर्टर मार्ग
बरवा

दिनांक: अप्रैल 10, 2016
प्रिय अभ्ंिानव
   स्नेह !
   कैसे हो ! आशा है तुम छात्रावास में मन लगााकर पढ़ाई कर रहे होगे। पढ़ना तुम्हारा शौक हे, इसलिए इस बारे में मै कुछ नहीं कहना चाहती। किंतु तुम्हारे स्वास्थ्य को लेकर कभी-कभी मैं चिंतित हो जाती हूँ। तुम व्यायाम की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देतें इस कारण तुम्हारी पढ़ाई में बाधा आ सकती है।
  प्रिय अभि ! व्यायाम को भी अपनी पढत्राइ्र में सहायक मानों। वैसे, स्वस्थ शरीर के बिना जीवन का सारा रस जाता रहता है। परंतु जिस पढ़ाई के पीछे तुम पागल हो, उसके लिए भी नित्य व्यायाम करना आवश्यक है ंआशा हे, तुम अपनी बहन की सलाह मानोगे और आज से ही सुबह की सैर और व्यायाम करना आरंभ कर दोगे।
तुम्हारी बहन
रिचा