निशा
385, रामनगर
महाराष्ट्र

29 जून, 2015
प्रिय रिया
       मधुर स्मृति !
       बहुत-बहुत बधाई हो रिया ! मुझे अभी-अभी तुम्हारी सखी पायल का टेलीफोन-संदेश मिला है। पता चला कि तुमने इस वर्ष अखिल भारतीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ वक्ता होने का सम्मान पाया है।
  रिया ! मुझे इस समाचार से इतनी प्रसन्नता हुई है कि खुशी मन में नही समा रही ! इसलिए सब काम छोड़कर तुम्हें बधाई लिख रही हूँ ! मेरी ओर से हार्दिक बधाई ! मेरी मम्ी और पापा भी तुम्हें आशीर्वाद भेज रहे हैैं। ईश्वर करे तुम्हारी यह कला दिन दुगुनी रात चैगुनी वृद्धि करे ! तु सचमुच इस सम्मान की अधिकारिणी हो ! ईश्वर ने तुम्हें प्रतिभा दी है तो तुमने मेहनत में भी कोई कमी नही छोड़ी है। प्रतिभा और साधना का यह सुफल तुम्हारे और हम सबके लिए गौरव की बात है।
मेरी ओर से माता जी तथा पिताजी को बधाई देना ! इस शानदार जीत पर लड्डू खाने कि लिए कब बुलाती हो, इसकी प्रतिक्षा में- तुम्हारी सखी
निशा