राधा
15, नगर मार्ग
लखनऊ

नवंम्बर 16, 2017
प्रिय निशा
       आशा है अब तुम स्वस्थ होगी। कल प्रिया से पता चला कि तुम्हारे साथ दुर्घटना घटित हो गई है और तुम अस्पताल में दाखिल हो। अस्पताल का नाम सुनकर ही मन में कुशंकाएँ आने लगती है। किरण ने बताया कि तुम साइकिल पर सवार थीं और एक ट्रक ने पीछे से तुम्हें अक्कर मारी। भगवान का शुक्र है कि तुम अपने बाई ओर गिरी, वरना न जाने क्या हो गया होता । जितना बचाव हो जाए, उतना ही अच्छा। मुझे अब तुम्हारी घायल स्थिति की कल्पना करके ही दुख हो रहा है। यह भी ईश्वर की कृपा है कि हड्डी पर चोट नही आई, सिर्फ ऊपरी घाव और खरोंचे आई है। ईश्वर करेगा, ये सब चोटें उचित उपचार से शीघ्र ठीक हो जाएँगी। मुझे तुम्हारे साथ पूरी सहानुभूति हे। अच्छा होता, अगर मैं तुम्हारे पास आकर तुमहारी कुछ सेवा कर पाती। किंतु परीक्षाओं के कारण अब आना नही हो सकेगा।
 आशा है तुम शीघ्र स्वस्थ हो जाओगी। तुम दिलेर हो। तुम्हारी दिलेरी ही तुम्हें स्वस्थ कर देगी।
माता-पिता और शैलेश को मरी नमस्ते देना।

तुम्हारी ही
राधा