भावेश
16, भागीरथी छात्रावास
उच्च विद्यालय
कुमारधुबि

24 अप्रैल, 2016
प्रिय मित्र आलोक
    मधुर स्मिृति !
 कल मैंने इंटरनेट पर ’पाइल्ट’ पद के लिए चुने हुए प्रतिभागियों के नाम पढ़े। मुझे यह जानकर बहुत दुःख हुआ कि इस बार पाइलट पद के लिए तुम्हारा चयन नही हो सका। सच कहूँ, मुझे अपनी आँखो पर विश्वास नहीं हुआ। इसलिए मैने पूरी सूच को तीन बार पढ़ा। फिर फोन करके रूपेश से पता किया। तब जाकर मै मुश्किल से विश्वास कर सका कि तुम्हें एक साल और प्रतीक्षा करनी होगी।
      प्रिय आलोक, मुझे पक्का विश्वास है कि तुम अपने लख्य तक अवश्य पहुँचोगे। जाने कहाँ चूक रह गई। अंक-तालिका मिलने पर ही तुम्हें अपनी कमी के बारे में पता चलेगा। मुझे पूरा भरोसा है कि तुम अपनी कमी के बारे में जानकर उस पर विजय प्राप्त करोंगे और अगली बार सफलता प्राप्त करोगे।

सदा तुम्हारे साथ
तुम्हारा मित्र
विनय