वचन एवं नारे
नाम
इन्कलाब जिन्दाबाद भगत सिंह
करो या मरों महात्मा गाँधी
वेदां की ओर लोटो दयानन्द सरस्वती
हे राम महात्मा गाँधी
जय जवान, जय किसान लाल बहादु शास्त्री
जय जगत विनोब भावे
कर मत दो सरदार बल्ल्भ भाई पटेल
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा श्याम लाल गुप्ता पार्षद
वन्दे मातरम् बंकिमचन्द्र चटर्जी
जन-गण-मन अधिनायक जय हे रवीन्द्र नाथ ठाकुर
साम्राज्यवाद का नाश हो भगत सिंह
’’सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा’’ इकबाल
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूँगा सुभाषचन्द्र बोस
मेरे सिर पर लाठी का एक प्रहार, अंगेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा लाला लाजपत राय
मुसलमान मूर्ख थे, जो उन्होंने सुरक्षा की माँग की और हिन्दू उनसे भी मूर्ख थे, जो उन्होने उस माँग को ठुकरा दिया। अबुल कलाम आजाद
क्रांति की तलवार में धार वैचारिक पत्थर पर रगड़ने से ही आती है। भगत सिंह
हू लिव्य इस इंडिया डाइज जवाहार लाल नेहरू
साइमन कमीशन वापस जाओ लाला लाजपत राय
सरफरोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है राम प्रसाद बिस्मिल
स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है बाल गंगाधर तिलक
सम्पूर्ण क्रांति जयप्रकाश नारायण
मारो फिरंगी को मंगल पांडे
भारत छोड़ो महात्मा गाँधी
आराम हराम है जवाहार लाल नेहरू
पूर्ण स्वराज्य जवाहारलाल नेहरू
जय हिन्द सुभाष चन्द्र बोस
दिल्ली चलो सुभाष चन्द्र बोस