bharat ratna pranab mukherjee nanaji deshmukh


राष्ट्रपति भवन की आरे से 25 जनवरी 2019 को जारी जानकारी में घोषण की गई कि वर्ष 2019 में तीन हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जायेगा, इस घोषण में नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका और प्रणब मुखर्जी को भारत रतन दिया जाने की घोषण की गई, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका और आरएसएस से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ से सममानित किया जाएगा. राष्ट्रपति भवने से जारी बयान मरणोपरंत प्रदान किया जाएगा।

भूपेन हजारिका- भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था. मात्र 10 वर्ष की आयु मे 1936 में भूपेन हजारिका ने कोलकाता में अपना पहला गाना रिकाॅर्ड किया था. मात्र 13 साल की अम्र में हजारिका ने अपना पहला गाना लिखा था। यहीं से उनके सिंगर, कंपोजर और लिरिसिस्ट बनने का सफर शुरू हो गया था। वर्ष 1942 में भूपेन ने आर्ट से इंटर की पढ़ाई पूरी की थी इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से उन्होंने एमए किया था। हजारिका ने अपने जीवन में एक हजार गाने और 15 किताबें, लिखीं। संगीत के इस क्षेत्र उनके अद्भूत योगदान के लिए उन्हें 1975 में राष्ट्रीय पुरस्कार और 1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहेब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें 2011 में पùमभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

नानाजी देशमुख- नानाजी देशमुख का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को हुआ था। वे एक भारतीय समाजसेवी थे। उनका आरंभिक जीवन संघर्षों में बीता। उन्होने पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा प्राप्त की। बाद में 1930 के दशक में वे आरएसएस में शामिल हो गये थें। नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ  से जुड़े थे। वर्ष 1977 मं जनता पार्टी की सरमार बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद स्वीार नहीं किया और जीवनभर दीनदयाल शोध संस्थान के अंतर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार के लिए काय्र करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ व ग्रामीण स्वालंबन के क्षेत्र में अनुरणीय योगदान के लिए, पù विभूषण भी प्रदान किया। उनका निधन 27 फरवरी 2010 को चित्रकूट में हुआ।

प्रणब मुखर्जी- पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के रिनाहर शहर के एक छोटे से गांव मिराटी में 11 दिसम्बर 1935 को हुआ था। मुखर्जी के राजनीतिक जवीन की शुरूआत वर्ष 1969 में हुई ज बवह पहली बार राज्सभा सांसद बने। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें 35 वर्ष की अवस्था में वर्ष 1969 में राज्यसभा का सदस्य मानोनीत किया गया। इसके बाद वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए, वर्ष 1947 में केन्द्रीय वित्त, विदेश, रक्षा और वागिज्य जैसे मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। प्रणब मुखर्जी 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक राष्ट्रपति पद पर रहे।