पेषक:
रतन मलिक
रानिबाग
सम्राटपुर

दिनांक: अगस्त 14, 2015

सेवा में
स्वास्थ्य अधिकारी
रानीबाग क्षेत्र
सम्राटपुर

विषय: रिहायशी इलाकों में पनपते व्यवसाय और उद्योग

महोदय,
      मै सरकार तथा जनता का ध्यान रिहायशी इलाकों में राज बढ़ते व्यवसायों और उद्योगों की ओर खीचना चाहता हूॅं। रानी बाग इलाके में दुकानें इतनी बढ़ गई हैं कि इसक रिहायशी इलाका नही कहा जा सकता। मुख्य सड़कों तथा मुख्य गलियों में तो बड़े—बड़े शोरूम या थोक की दुकानें खुल गई है। अंदर की गलियों में इन दुकानदारों के गोदान या कार्यशालाएॅं है। किसी—किसी घर में दर्जी के कारीगर, हलवाइ्र के कारीगर र्बतन घिसने—चमकाने के कारीगर काम करने लगे हैं। वहॉं हमेशा बदबू और गंदगी रहती है। कुछ कार्यशालाओं में रसायनों का प्रयोग होता हें जो कि आसपास के रिहायशी इलाकें के लिए बहुत खतरनाक है। यहॉं बर्तन बनाने की छोटी—छोटी फैंकटरियॉ। भी हैं जिनसे लगातार शोर आता है। यहॉं के निवासी इनके रहते न खुली हवा पा सकते है और न ठीक—से आ जा सकते हैं। इनके व्यावसायिक वाहन हमेशा गलियॉं—सड़के घेरे रहते है। सुरक्षा के नाम पर तो यहॉं के लोग सदा भयभीत रहते है। मेरा आपसे अनुराध है कि रिहायशी इलाकों में अंधाधुंध बढ़ते इन व्यवसायों और उद्योगो को सख्ती से रोकें।

धन्यवाद!

भवदीय
रतन मलिक